
चिंतन:प्रारब्ध ही तय करता कार्य सिद्धि को.
किसी भी काम की होने की पूर्ति प्रारब्ध के अनुसार होती है प्रत्येक मनुष्य एक सीमित अवधि के लिए इस संसार में आता है और परमपिता ने हमारे हिस्से में जितना सुख या दुख लिखा है उसे हमें हर हाल में भोगना ही पड़ता है। इस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति की



















